
घरघोड़ा (रायगढ़) 09 नवंबर 2025। घरघोड़ा थाना पुलिस ने वित्तीय धोखाधड़ी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए श्रीराम फाइनेंस कॉर्पोरेशन प्रा.लि. रायपुर से जुड़े करोड़ों रुपए के फर्जी व्यापार ऋण घोटाले का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में कंपनी के पूर्व मैनेजर सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने मिलकर लगभग ₹1 करोड़ 30 लाख 50 हजार की हेराफेरी की थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रार्थी राकेश तिवारी (उम्र 35 वर्ष), निवासी बांसटाल तिल्दा, रायपुर — जो श्रीराम फाइनेंस कॉर्पोरेशन प्रा.लि. के लीगल विभाग में मैनेजर हैं — ने घरघोड़ा थाना में शिकायत दर्ज कराई थी कि वर्ष 2017 से 2019 के बीच कंपनी की घरघोड़ा शाखा (रायगढ़ रोड, स्कूल के सामने) में पदस्थ कर्मचारी वीरेन्द्र प्रताप पुरसेठ एवं अन्य दो कर्मचारियों ने कुछ दलालों के साथ मिलकर 26 फर्जी व्यापार ऋण पास कराए।
जांच में खुलासा हुआ कि इन कर्मचारियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर, अन्य व्यक्तियों की दुकानों को ग्राहकों का व्यवसायिक संस्थान बताते हुए सत्यापन कराया और कंपनी से करोड़ों की ऋण राशि निकालकर गबन किया। इसमें ग्राम बहिरकेला निवासी राजकुमार साहू ने चार फर्जी ग्राहकों के नाम पर ₹26 लाख का ऋण स्वयं प्राप्त किया और संबंधित कर्मचारियों को रिश्वत भी दी।
प्रार्थी की रिपोर्ट पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 297/2025 धारा 419, 420, 467, 468, 470, 471, 120(बी) भा.द.वि. के तहत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की। विवेचना के दौरान पुलिस ने आज दिनांक 09 नवंबर 2025 को मुख्य आरोपी वीरेन्द्र प्रताप पुरसेठ (उम्र 34 वर्ष, निवासी वार्ड 08 नावापारा घरघोड़ा) और राजकुमार साहू (उम्र 44 वर्ष, निवासी ग्राम बहिरकेला) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपराध स्वीकार किया है।
दोनों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है, वहीं अन्य सहयोगियों की तलाश पुलिस द्वारा जारी है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू के नेतृत्व में सहायक उपनिरीक्षक खेमराज पटेल, प्रधान आरक्षक अरविंद पटनायक, आरक्षक हरीश पटेल, उद्योराम पटेल, चंद्रशेखर चंद्राकर, प्रहलाद भगत, भानु चंद्रा एवं महिला आरक्षक सुप्रिया सिदार की सराहनीय भूमिका रही।
घरघोड़ा पुलिस की इस तत्परता से एक बड़े वित्तीय फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है, जिससे क्षेत्र में पुलिस की साख और जनता का विश्वास दोनों मजबूत हुए हैं।



