
जनसुनवाई विरोध बना हिंसा का मंच, महिला आरक्षक के साथ बर्बरता का वीडियो वायरल
रायगढ़, 2 जनवरी 2026। जिले के लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत तमनार ब्लॉक में जिंदल उद्योग को आबंटित गारे पालमा सेक्टर-1 कोयला खदान को लेकर उपजे विवाद ने अब गंभीर और शर्मनाक मोड़ ले लिया है। कोल ब्लॉक आबंटन के बाद प्रस्तावित जनसुनवाई के विरोध में 12 दिसंबर से जारी आंदोलन, 27 दिसंबर को अचानक हुई एक सड़क दुर्घटना के बाद हिंसक रूप में बदल गया।
जनसुनवाई स्थल को लेकर पहले ही विरोध झेल रहे जिंदल उद्योग और प्रशासन के बीच स्थिति उस समय पूरी तरह बिगड़ गई, जब आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। देखते ही देखते मामला पथराव, आगजनी और पुलिस अधिकारियों से बदसलूकी तक पहुंच गया। इस हिंसा में आधा दर्जन से अधिक वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया।

27 दिसंबर की हिंसा का बर्बर चेहरा अब सामने आया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में तमनार थाना प्रभारी कमला पुसाम के साथ महिलाओं द्वारा लात-घूंसे बरसाते हुए दृश्य सामने आए हैं। इसके साथ ही एक और बेहद शर्मनाक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें एक महिला आरक्षक के साथ आंदोलनकारियों द्वारा अमानवीय व्यवहार किया गया। वीडियो में महिला आरक्षक के कपड़े फाड़ते हुए, उसे अपमानित करते हुए साफ देखा जा सकता है। पीड़ित महिला हाथ जोड़कर दया की भीख मांगती नजर आती है। करीब 20 सेकंड से अधिक का यह वीडियो कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

प्रशासनिक चुप्पी पर उठ रहे सवाल
हालांकि जिला प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत के बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया है और जनसुनवाई निरस्त किए जाने का आश्वासन दिया गया है, लेकिन 27 दिसंबर को हुई इस निंदनीय घटना को लेकर पुलिस प्रशासन की चुप्पी अब चर्चा का विषय बन गई है। अब तक किसी भी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का न तो कोई आधिकारिक बयान सामने आया है और न ही महिला आरक्षक के साथ हुई शर्मनाक घटना पर कोई स्पष्ट कार्रवाई की जानकारी दी गई है।

वायरल वीडियो ने पुलिस प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या इस गंभीर अपराध पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी या फिर मामला दबाकर शांत कर दिया जाएगा। जनता अब इस पूरे प्रकरण में जवाब और न्याय की मांग कर रही है।



