
रायगढ़, घरघोड़ा 23 अक्टूबर 2025। घरघोड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कपाटडेरा भेण्ड्रा में मंगलवार देर रात हुए दंपती हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने महज छह घंटे में खुलासा कर दिया है। बुधवार सुबह घर के बाहर पति-पत्नी के रक्तरंजित शव मिलने से पूरे गांव में दहशत फैल गई थी। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मृतक के ही भतीजे और उसके रिश्ते के मामा को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों ने पुरानी रंजिश और पैसों के विवाद के चलते वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया है।
ग्राम कपाटडेरा भेण्ड्रा निवासी गुरबार सिंह राठिया (43 वर्ष) और उनकी पत्नी मनिता राठिया (30 वर्ष) के शव बुधवार सुबह उनके घर के बाहर पाए गए थे। घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू सहित वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पहुंचे।

घटनास्थल पर पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश मरकाम, एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्दांत तिवारी, डीएसपी साइबर सेल अनिल विश्वकर्मा, एफएसएल टीम एवं डॉग स्क्वाड ने पहुंचकर बारीकी से जांच कर साक्ष्य एकत्र किए। जांच के दौरान पुलिस को मृतक के भतीजे ओमप्रकाश राठिया (32 वर्ष) और गांव के ही युवक भगलु उर्फ ओमप्रकाश राठिया (20 वर्ष) पर संदेह हुआ। दोनों से पूछताछ में वारदात की पूरी साजिश सामने आ गई।
आरोपियों ने बताया कि मृतक के साथ उनका पुराना विवाद और पैसों का लेन-देन को लेकर रंजिश चल रही थी। दिनांक 21 अक्टूबर की रात दोनों मृतक के घर पहुंचे, जहां आपसी बहस के बाद गाली-गलौज और मारपीट हुई। गुस्से में आकर दोनों ने डंडे, लात और घूंसों से हमला कर दंपती की हत्या कर दी और मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने दोनों आरोपियों भगलु उर्फ ओमप्रकाश राठिया पिता शिवप्रसाद राठिया (20 वर्ष) एवं ओमप्रकाश राठिया पिता सेतराम राठिया (32 वर्ष), निवासी ग्राम कपाटडेरा भेण्ड्रा, को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त डंडा और मोबाइल फोन बरामद किया गया है।
प्रार्थी बलराम राठिया की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 282/2025, धारा 103(1), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
इस जघन्य अपराध के खुलासे में एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्दांत तिवारी के मार्गदर्शन एवं थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू के नेतृत्व में एएसआई खेमराज पटेल, एएसआई रामसाजीवन वर्मा, प्रधान आरक्षक अरविंद पटनायक, पासरमणी बेहरा, आरक्षक हरीश पटेल, उद्यो पटेल, दिनेश सिदार, प्रहलाद भगत तथा सहयोगी नागरिक कालिया गुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल ने इस त्वरित कार्रवाई के लिए पूरी टीम की सराहना की और कहा कि अपराधियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।



