
रायगढ़, घरघोड़ा 25 अक्टूबर 2025। घरघोड़ा क्षेत्र इन दिनों राजनीतिक और प्रशासनिक टकराव का केंद्र बना हुआ है। स्थानीय भाजपा नेता अजीत गुप्ता, जो लंबे समय से एनटीपीसी परियोजना के विरोध को लेकर सुर्खियों में हैं, एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं।
चार दिन पूर्व अजीत गुप्ता निवासी- तिलाईपाली द्वारा एनटीपीसी परियोजना के विरोध में आंदोलन किया गया था, जिसमें स्थिति तनावपूर्ण हो जाने पर प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की थी। हालांकि पुलिस की समझाइश के बाद आंदोलन को समाप्त कराया गया, लेकिन इस घटनाक्रम ने प्रशासनिक हलकों में गहरी छाप छोड़ी थी।

इसी बीच, आंदोलन के कुछ दिन बाद अजीत गुप्ता ने अपने फेसबुक अकाउंट पर घरघोड़ा एसडीएम दुर्गा प्रसाद अधिकारी के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी की, जिससे प्रशासनिक वर्ग में नाराज़गी फैल गई। शुक्रवार देर रात प्रशासन ने पुराने आंदोलन प्रकरण के आधार पर कार्रवाई करते हुए उन्हें धारा 151 (CrPC) के तहत शांति भंग की आशंका में गिरफ्तार कर रिमांड पर भेज दिया।

सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई एसडीएम कार्यालय के निर्देश पर की गई। पुलिस टीम ने देर रात लगभग 11 बजे अजीत गुप्ता को उनके घर से हिरासत में लिया और मेडिकल परीक्षण के बाद एसडीएम कार्यालय में प्रस्तुत किया, जहाँ से उन्हें रिमांड पर भेज दिया गया।
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि सरकारी अधिकारियों के खिलाफ सोशल मीडिया पर की गई अभद्र टिप्पणियों पर अब सख्त रुख अपनाया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अर्थ यह नहीं कि कोई व्यक्ति मर्यादा और कानून की सीमाओं को पार करे।”
यह मामला अब राज्य की राजनीति में भी हलचल पैदा कर रहा है, क्योंकि प्रदेश में भाजपा की सरकार है और रायगढ़ जिला अध्यक्ष भी घरघोड़ा क्षेत्र से ही आते हैं। ऐसे में यह प्रकरण प्रशासनिक गरिमा बनाम राजनीतिक अभिव्यक्ति की सीमा को लेकर गहन चर्चा का विषय बन गया है।
स्थानीय नागरिकों और सोशल मीडिया यूज़र्स का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति ने प्रशासनिक अधिकारी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की है तो उस पर वैधानिक कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल अजीत गुप्ता को न्यायिक प्रक्रिया के तहत एसडीएम के समक्ष प्रस्तुत किया गया है और आगे की कार्रवाई कानून के अनुसार जारी है।



